Story by Harshit Uttam I Updated : 19 January 2026
ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने कहा कि हाल के वर्षों में उन्हें कम काम मिला, जिसकी वजह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ‘पावर शिफ्ट’ हो सकता है और यह कहीं न कहीं ‘साम्प्रदायिक पहलू’ से जुड़ा भी हो सकता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज़ कर दी है।

बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने कहा कि उन्हें प्रोजेक्ट्स के बारे में ‘चाइनीज़ व्हिस्पर्स’ के ज़रिए पता चलता था। 59 वर्षीय रहमान ने आरोप लगाया कि अब फैसले लेने की ताक़त उन लोगों के हाथ में है जो रचनात्मक नहीं हैं। उन्होंने यह भी इशारा किया कि यह कहीं न कहीं साम्प्रदायिक पहलू से जुड़ा हो सकता है, भले ही सीधे तौर पर उनके सामने ऐसा न हुआ हो। इस बयान पर बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
स्लमडॉग मिलियनेयर’ के ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने संकेत दिया कि पिछले आठ वर्षों में उनके करियर की रफ़्तार धीमी पड़ने में धर्म की भूमिका रही हो सकती है। रहमान ने कहा—‘मैं काम की तलाश में नहीं हूँ, बल्कि चाहता हूँ कि काम खुद मेरे पास आए। मेरे काम की सच्चाई ही मुझे अवसर दिलाए। जब मैं खुद काम की खोज में निकलता हूँ तो मुझे लगता है जैसे कोई अपशकुन हो जाता है।
रहमान के दावे को BJP मंत्री ने बताया बेबुनियाद
ए.आर. रहमान के इस दावे को खारिज करते हुए कि उनके धर्म की वजह से करियर धीमा पड़ा, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा—‘रहमान को फिल्म संगीत जगत में मुस्लिम होने की वजह से समर्थन नहीं मिल रहा, यह बिल्कुल झूठ है। देश ने उन्हें हमेशा अपनाया है और नंबर वन संगीत निर्देशक के तौर पर सम्मान दिया है।
इस बयान को ग़लत और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए खनन मंत्री ने कहा—‘देश की जनता ने कभी रहमान को धर्म की नज़र से नहीं देखा।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रहमान ने धर्म पर टिप्पणी की।
रहमान के बयान पर भड़की विश्व हिंदू परिषद
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ए.आर. रहमान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—‘लगता है कि रहमान भी अब उसी धड़े के नेता बन गए हैं, जिसका नेतृत्व कभी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी करते थे।’ रहमान द्वारा काम की कमी को साम्प्रदायिक कारणों से जोड़ने पर बंसल ने कड़ी आपत्ति जताई।
पूर्व उपराष्ट्रपति से तुलना करते हुए उन्होंने कहा—‘हामिद अंसारी ने दस साल तक संवैधानिक पदों का लाभ उठाया और रिटायर होते समय भारत को नीचा दिखाया।’ ए.आर. रहमान की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा—‘अपने भीतर झाँकने के बजाय रहमान सिस्टम को कोस रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री को बदनाम कर रहे हैं। आखिर वह साबित क्या करना चाहते हैं?’
‘जय हो’ गायक पर हमला बोलते हुए वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ऐसे छोटे बयान तो कोई राजनेता दे सकता है, कलाकार को शोभा नहीं देते। उन्होंने कहा—‘वह कभी हिंदू थे, फिर इस्लाम में क्यों गए? अब घर वापसी कर लो, शायद फिर से काम मिलने लगे।’
रहमान के बयान पर कंगना का हमला
हिमाचल के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने ए.आर. रहमान पर तीखा हमला बोला। इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना ने लिखा—‘प्रिय रहमान जी, मुझे फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ इसलिए पक्षपात और भेदभाव झेलना पड़ता है क्योंकि मैं भगवा पार्टी का समर्थन करती हूँ। लेकिन मुझे कहना होगा कि आपसे ज़्यादा पूर्वाग्रही और नफ़रत से भरे इंसान मैंने नहीं देखे। मैं बेताबी से चाहती थी कि अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म इमरजेंसी आपको सुनाऊँ, लेकिन आप तो मिलने तक को तैयार नहीं हुए। मुझे बताया गया कि आप किसी प्रचार फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते।’


कंगना ने आगे कहा—‘विडंबना है कि इमरजेंसी को सभी आलोचकों ने मास्टरपीस कहा। यहाँ तक कि विपक्षी दलों के नेताओं ने भी मुझे पत्र लिखकर फिल्म की संतुलित और संवेदनशील प्रस्तुति की सराहना की। लेकिन आप अपनी नफ़रत से अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए अफ़सोस होता है।’
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