Story by Harshit Uttam I Updated : 25 January 2026
एक ऐतिहासिक पहली बार, भारतीय सेना की टुकड़ियाँ युद्ध के लिए तत्पर युद्धक गठन में मार्च करेंगी, जो उनकी परिचालन तैयारियों को उजागर करता है।

गणतंत्र दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र को संबोधन लाइव — भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक शुभारंभ शनिवार शाम 7 बजे राष्ट्रपति के संदेश से होगा। परंपरागत रूप से गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिया जाने वाला यह संबोधन आकाशवाणी और दूरदर्शन पर प्रसारित होगा, पहले हिंदी में और फिर अंग्रेज़ी व क्षेत्रीय भाषाओं में, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचा जा सके।
गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली वार्षिक परेड के साथ जारी रहेंगे। यह परेड सांस्कृतिक वैभव और सैन्य शक्ति के अद्भुत संगम को प्रदर्शित करेगी। इस वर्ष की परेड में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की 30 झाँकियाँ शामिल होंगी। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियाँ पूरे उत्साह और जोश के साथ चल रही हैं।
एक ऐतिहासिक पहली बार, भारतीय सेना की टुकड़ियाँ युद्ध के लिए तत्पर युद्धक गठन में मार्च करेंगी, जो उनकी परिचालन तैयारियों को उजागर करता है। सेना की झाँकी में एकीकृत संचालन केंद्र और अत्याधुनिक, तकनीक-आधारित रक्षा प्रणालियाँ प्रदर्शित की जाएँगी। इस परेड में 6,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिन्हें सैन्य और पाइप बैंड का सहयोग मिलेगा।
गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का विशेष उत्सव मनाया जाएगा। इस परेड में कुल 30 झाँकियाँ शामिल होंगी — जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झाँकियाँ तथा 13 केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झाँकियाँ होंगी।
झाँकियाँ भारत के स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक विविधता और विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की जीवंत कहानी प्रस्तुत करेंगी। इनमें स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत, सांस्कृतिक वैभव और समकालीन उपलब्धियों का अनूठा संगम दिखाई देगा। विषयों में पारंपरिक शिल्प और लोक परंपराओं से लेकर आत्मनिर्भरता, नवाचार, रक्षा तैयारियाँ और राष्ट्र निर्माण की पहलें शामिल होंगी।
गणतंत्र दिवस परेड के बारे में और जानकारी
परेड में भारतीय सेना द्वारा चरणबद्ध युद्धक प्रदर्शन, यंत्रीकृत स्तंभ, मार्च करते दल और सैन्य बैंड शामिल होंगे। साथ ही ‘ऑपरेशन सिंदूर: विजय संयुक्तता से’ शीर्षक वाली त्रि-सेवा झाँकी भारत की विकसित होती सैन्य नीति, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और एकीकृत परिचालन शक्ति को प्रदर्शित करेगी। भारतीय वायुसेना की एक विशेष झाँकी भी परेड का हिस्सा होगी, जो पूर्व सैनिकों के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रगान और स्वदेशी 105-मिलीमीटर लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।
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